आप जानते हैं कि आपकी SkinType क्या है? विभिन्न प्रकार की त्वचा (SkinType )के बारे में जानें ..

आज की दुनिया में हर कोई अच्छा दिखना चाहता है। और अपनी त्वचा(skin) को सुंदर और जवां बनाए रखने के लिए हमें अपनी त्वचा (skin)की ठीक से देखभाल करनी चाहिए|

Skin type

 त्वचा (skin) की देखभाल के लिए हम तरह-तरह के क्रीम, स्क्रब, मॉश्चराइजर, फेस पैक प्रयोग करते हैं| लेकिन, इन चीजों का इस्तेमाल हमें अपनी स्किन टाइप के हिसाब से करना होता है, तभी हमारे त्वचा को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिलता है| इसलिए, अपनी त्वचा के लिए कोई भी उत्पाद (Product) खरीदने से पहले हमें पता होना चाहिए कि हमारी त्वचा का प्रकार(SkinType) क्या है।हमारी त्वचा हमारे शरीर का बहुत ही संवेदनशील हिस्सा है, इसके लिए हमें आपकी त्वचा (skin)पर किसी भी क्रीम या उत्पाद का उपयोग करने से पहले बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। अन्यथा यह आपकी त्वचा (skin) पर नुकसान भी पहुंचा सकता है


 
                           त्वचा के प्रकार को जानें(Know skin type)

 त्वचा का प्रकार (SkinType) इस बात से निर्धारित होता है कि किसी व्यक्ति की त्वचा कितना तेल या सीबम (Sebum) बनाती है। सीबम एक ऐसा पदार्थ है जिसे त्वचा नमी को सील करने के लिए बनाती है|त्वचा(Skin) मुख्यत: चार  प्रकार की होती है| 

  1. सामान्य त्वचा (NormalSkin) सामान्य त्वचा अच्छी तरह से संतुलित त्वचा (well-balanced skin) है। नमी की मात्रा (moisture content,), सीबम का उत्पादन ( sebum production), और आपकी त्वचा के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले अन्य कारक (other factors) सभी सामान्य सीमा के भीतर होता है|यह स्पष्ट, चिकना,चमकदार और स्वस्थ (clear, smooth,radiant, and healthy)दिखाई देती है।त्वचा न तो बहुत तैलीय है और न ही बहुत शुष्क (skin is neither too oily or too dry)होती है | 

  2. मिली-जुली त्वचा (Combination Skin)
यह सबसे आम त्वचा का प्रकार है, इसमें चेहरे के विभिन्न हिस्सों में तैलीय त्वचा (Oily Skin) और रूखी त्वचा(Dry Skin) का मिश्रण होता है|आमतौर पर, मिली-जुली त्वचा (Combination Skin)वाले लोगों की टी ज़ोन में तैलीय त्वचा होती है। इसका मतलब है कि उनके माथे, नाक और ठुड्डी के आसपास सीबम का अधिक उत्पादन होता है।सीबम उत्पादन की कमी के कारण गाल, मुंह और आंखों की त्वचा रूखी त्वचा(Dry Skin)होती है |विशेष रूप से ठोड़ी, नाक और माथे पर मुँहासे (Acne) होने का खतरा होता है|





  3. तैलीय त्वचा (Oily Skin) तैलीय त्वचा (Oily Skin) बहुत अधिक सीबम के उत्पादन के कारण होता है। तैलीय त्वचा वाले व्यक्तियों त्वचा की समस्याओं (Belmish Skin), विशेष रूप से मुँहासे (Acne)होने का खतरा अधिक होता है। त्वचा का छिद्र बड़े लगते हैं और दिखाई देते हैं विशेष रूप से टी-ज़ोन (माथे, नाक और ठुड्डी) में विभिन्न प्रकार केमुँहासे (Acne) होने का खतरा होता है| त्वचा चमकदार या चिकना (Shiny or Greasy) दिखाई देती है त्वचा अधिक मोटी और कम उम्र की दिखती है| 

  4. रूखी त्वचा(Dry Skin) रूखी त्वचा(Dry Skin) सामान्य त्वचा की तुलना में कम सेबम पैदा करता है।सीबम वह तेल है जो त्वचा को तापमान, गंदगी और आर्द्रता ( Temperature, Dirt, and humidity) जैसे पर्यावरणीय कारकों ( Environmental Factors)से बचाता है।इस प्रकार की त्वचा में प्राकृतिक मॉइस्चराइजिंग कारकों (Natural Moisturizing factors)की कमी होती है|पुरुषों की तुलना में महिलाओं को शुष्क त्वचा होने का खतरा अधिक होता है |और सभी प्रकार की त्वचा, चाहे वह किसी भी प्रकार (Skin Type) की हो, उम्र बढ़ने के साथ ड्रायर हो जाती है। शरीर के कुछ हिस्सों में शुष्क त्वचा होने का खतरा अधिक होता है जैसे हाथ, हाथ, पैर, हथेलियाँ और पैरों के तलवे। शुष्क त्वचा में महीन रेखाएँ और झुर्रियाँ ( fine Lines and Wrinkles )होने की संभावना बहुत अधिक होती है| रुखी त्वचा की वजह से स्किन पर खुजली हो सकती है और स्किन फटने भी लगती है।

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